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1 अक्टूबर 2013

काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन

रविवार ८ सितंबर २०१३ की शाम, कालिंदी विला, गोमती नगर, में अभिव्यक्ति विश्वम के सभाकक्ष में एक सरस काव्य गोष्टी का आयोजन किया गया। यह भी एक संयोग था कि दिन भर की उमस और चिलचिलाती धूप के बाद काव्य गोष्टी के प्रारंभ होते ही वरुण देवता भी आसमान से तेज धार की सीढ़ी के सहारे उतर आये और गोष्ठी समाप्ति तक डटे रहे। इस गोष्ठी का आयोजन अभिव्यक्ति की संपादक पूर्णिमा वर्मन द्वारा किया गया था।

गीत, गजल, छंदमुक्त और सवैया छंदों से सज्जित इस खुशनुमा शाम की सबरंग काव्य-गोष्ठी में उदीयमान और वरिष्ठ कवियों का अद्भुत समागम देखने को मिला। इस सुअवसर पर हिंदी के वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना, प्रतिष्ठित नवगीतकार डाक्टर कैलाश निगम, मधुकर अष्ठाना, निर्मल शुक्ल, राजेंद्र शुक्ल राज, गजलकार रचना मिश्रा एवं ज्योति सिन्हा, नारीवादी सरोकारों से जुड़ी, आकाशवाणी की प्रोड्यूसर छन्दमुक्त रचनाकार अनामिका, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से डाक्टर अमिता दुबे के अतिरिक्त अभिव्यक्ति एवं अनुभूति से जुड़े रचनाकार अनिल वर्मा, संध्या सिंह, आभा खरे, ब्रजेश नीरज, अमन दलाल और अभिव्यक्ति की संपादक पूर्णिमा वर्मन ने कविता पाठ किया।  नये रचनाकारों में विवेक मालवीय ने अपने नवीन उपमाओं वाले मधुर गीतों और संदीप कुमार सिंह ने समसामयिक सरोकारों से सजे अपने जोशीले सवैयों से उपस्थित रचनाकारों को प्रभावित किया। 

कार्यक्रम का संचालन पूर्णिमा वर्मन ने किया। अनुभूति के सदस्यों के लिए वरिष्ठ नवगीतकारों को सुनना, सीखना एक सुखद अनुभव था। अल्प जलपान और पूर्णिमा वर्मन जी को आयोजन के लिए आभार व्यक्त करने के उपरान्त गोष्ठी का समापन हुआ।
 
रामशंकर वर्मा

20 सितंबर 2012

सरस काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन


दिनांक २६ अगस्त २०१२ को लखनऊ के गोमती नगर में स्थित कालिन्दी विला में अभिव्यक्ति विश्वम की ओर से एक अनौपचारिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में अनुभूति पत्रिका से जुड़े लखनऊ के रचनाकारों ने भाग लिया।

श्रीमती आभा खरे, श्रीमती संध्या सिंह, श्री परमेश्वर फुँकवाल, श्री बृजेश शुक्ल, श्री हेमंत कुमार, श्री शीलेन्द्र सिंह चौहान, श्री अनिल वर्मा, श्री राजेन्द्र शुक्ल राज, और स्थानीय रचनाकार श्री रामशंकर वर्मा ने अपनी रचनाओं से गोष्ठी की शोभा बढ़ाई।

इलाहाबाद से पधारे ब्रजेश शुक्ला, सीतापुर से पधारे अम्बरीश श्रीवास्तव, शारजाह से पधारी पूर्णिमा वर्मन के साथ साथ दिल्ली से पधारे हिन्द युग्म के संचालक शैलेश भारतवासी तथा नवोदित कथाकार श्री दिव्य प्रकाश दुबे भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने।  
 
काव्य गोष्ठी का सरस संचालन प्रो. विश्वम्भर शुक्ल ने किया तथा अपनी रचनाओं का पाठ भी किया। कार्यक्रम का आयोजन अभिव्यक्ति एवं अनुभूति की संपादक पूर्णिमा वर्मन द्वारा किया गया था। गोष्ठी के बाद नवगीतों पर आधारित कुछ फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। एक घंटे से अधिक समय तक चली इस गोष्ठी का अंत जलपान से हुआ।